ग्वालियर जिले में इन दिनों एचपीवी टीकाकरण को लेकर व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। यह एचपीवी टीकाकरण अभियान विशेष रूप से 14 से 15 वर्ष की आयु की बालिकाओं को ध्यान में रखकर संचालित किया जा रहा है, ताकि उन्हें सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाया जा सके।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देशन में चल रहे इस एचपीवी टीकाकरण अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक किशोरी बालिकाओं तक टीकाकरण की सुविधा पहुंचाना और उन्हें समय रहते सुरक्षित करना है।
इस एचपीवी टीकाकरण अभियान के संदर्भ में गुरुवार को होटल एंबिएंस में एक मीडिया कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें जिले के इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया से जुड़े पत्रकारों को अभियान की विस्तृत जानकारी दी गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने कार्यशाला में बताया कि एचपीवी टीकाकरण अभियान पूरे जिले में चल रहा है और इसका उद्देश्य 14 से 15 वर्ष की आयु की सभी बालिकाओं को टीकाकरण से जोड़ना है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्वास्थ्य अभियान की सफलता में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और मीडिया के सहयोग के बिना कोई भी अभियान पूर्ण सफलता प्राप्त नहीं कर सकता।
मुख्य तथ्य
ग्वालियर जिले में चल रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिनसे यह स्पष्ट होता है कि यह अभियान व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 फरवरी 2026 को अजमेर, राजस्थान से किया गया था।
यह अभियान केवल किसी एक जिले तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक देशव्यापी अभियान के रूप में चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित करना है।
कार्यशाला में उपस्थित विशेषज्ञों ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है और यह महिलाओं में होने वाले कैंसरों में दूसरे स्थान पर सबसे खतरनाक कैंसर के रूप में जाना जाता है।
हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि इस गंभीर बीमारी की रोकथाम के लिए एचपीवी टीका एक प्रभावी और सुरक्षित उपाय के रूप में उपलब्ध है।
जिले में एचपीवी टीकाकरण को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है और लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए मीडिया के माध्यम से भी संदेश दिया जा रहा है।
महत्वपूर्ण बिंदु
मीडिया कार्यशाला के दौरान एचपीवी टीकाकरण अभियान से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला में आई.एम.ए. एवं फॉगसी की सदस्य और वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर स्नेह लता दुबे ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में शामिल है और यह महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
उन्होंने बताया कि एचपीवी टीकाकरण इस बीमारी से बचाव का एक प्रभावी उपाय है और समय रहते यह टीका लगवाने से महिलाओं को भविष्य में होने वाले जोखिम से बचाया जा सकता है।
कार्यशाला में डॉक्टर स्वेच्छा दंडोतिया, जो संस्था प्रभारी यूपीएससी थाटीपुर और स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं, ने भी एचपीवी टीकाकरण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि हर वर्ष लगभग 1.25 लाख महिलाएं इस बीमारी की चपेट में आती हैं और लगभग 75000 महिलाओं की मौत हो जाती है।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि किशोरावस्था में एचपीवी टीका लगाया जाए तो लगभग 30 वर्ष तक कैंसर का जोखिम 85 प्रतिशत तक कम हो सकता है।
इसी कारण स्वास्थ्य विभाग द्वारा किशोरी बालिकाओं को इस अभियान से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
विस्तृत जानकारी
ग्वालियर जिले में एचपीवी टीकाकरण अभियान को व्यापक रूप से लागू किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में कई टीकाकरण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां किशोरी बालिकाओं को एचपीवी टीका लगाया जा रहा है।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर रामकुमार गुप्ता ने बताया कि जिले में कुल 25 टीकाकरण केंद्रों पर एचपीवी टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
इन केंद्रों पर 14 से 15 वर्ष की आयु की बालिकाओं को टीका लगाया जा रहा है ताकि उन्हें सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित किया जा सके।
उन्होंने जानकारी दी कि अभी तक जिले में लगभग 3275 बालिकाओं को एचपीवी टीकाकरण के अंतर्गत टीका लगाया जा चुका है।
यह संख्या इस बात का संकेत है कि अभियान को समाज से अच्छा सहयोग मिल रहा है और अभिभावक अपनी बालिकाओं को टीकाकरण के लिए आगे ला रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों के लिए पंजीयन की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। अभिभावक अपनी बालिकाओं का पंजीयन यूजीन पोर्टल के माध्यम से कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त जिले में संचालित 25 टीकाकरण केंद्रों पर जाकर भी पंजीयन कराया जा सकता है और वहीं पर एचपीवी टीकाकरण करवाया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि एचपीवी टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित है और इसे लेकर किसी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है।
मीडिया कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य भी यही था कि सही जानकारी आमजन तक पहुंचे और किसी प्रकार की गलतफहमी या भ्रम फैलने की स्थिति उत्पन्न न हो।
विश्लेषण
ग्वालियर जिले में चल रहा एचपीवी टीकाकरण अभियान स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा सकता है।
इस अभियान के माध्यम से न केवल किशोरी बालिकाओं को टीकाकरण की सुविधा मिल रही है बल्कि समाज में महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।
मीडिया कार्यशाला के आयोजन से यह स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य विभाग इस अभियान को केवल प्रशासनिक स्तर तक सीमित नहीं रखना चाहता बल्कि इसे जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक बनाना चाहता है।
डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने कार्यशाला के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि मीडिया के सहयोग के बिना किसी भी अभियान की सफलता संभव नहीं है।
यह बयान इस बात को दर्शाता है कि स्वास्थ्य विभाग मीडिया को अभियान का महत्वपूर्ण भागीदार मान रहा है।
जब मीडिया के माध्यम से एचपीवी टीकाकरण की सही जानकारी लोगों तक पहुंचेगी, तब अधिक से अधिक अभिभावक अपनी बालिकाओं का टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित होंगे।

प्रभाव
एचपीवी टीकाकरण अभियान का प्रभाव समाज के कई स्तरों पर दिखाई देने की संभावना है।
सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव यह होगा कि किशोरी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का अवसर मिलेगा।
यदि अधिक से अधिक बालिकाएं एचपीवी टीकाकरण से जुड़ती हैं तो भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में कमी आ सकती है।
इसके साथ ही यह अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति समाज की सोच को भी सकारात्मक दिशा में प्रभावित कर सकता है।
जब अभिभावक अपनी बालिकाओं के स्वास्थ्य के लिए जागरूक होंगे, तब स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी अधिक लोगों तक पहुंच सकेगा।
इस अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग यह संदेश देने का प्रयास कर रहा है कि समय रहते टीकाकरण करवाना भविष्य के जोखिम को कम कर सकता है।

भविष्य की दिशा
ग्वालियर जिले में एचपीवी टीकाकरण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
मीडिया कार्यशाला जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सही जानकारी समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता यह है कि 14 से 15 वर्ष की आयु की अधिकतम बालिकाएं इस अभियान से जुड़ें और एचपीवी टीकाकरण करवाएं।
इसके लिए अभिभावकों को जागरूक करना भी बेहद जरूरी माना जा रहा है।
पंजीयन की ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधाएं उपलब्ध कराकर यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी परिवार को टीकाकरण कराने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जिले के 25 टीकाकरण केंद्रों पर लगातार एचपीवी टीकाकरण की प्रक्रिया जारी है और स्वास्थ्य विभाग इस अभियान को और व्यापक बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
निष्कर्ष
ग्वालियर जिले में चल रहा एचपीवी टीकाकरण अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अभियान के माध्यम से 14 से 15 वर्ष की आयु की बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने का प्रयास किया जा रहा है और समाज में स्वास्थ्य जागरूकता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
मीडिया कार्यशाला के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग ने यह संदेश दिया है कि एचपीवी टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित है और इसे लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
जिले में 25 टीकाकरण केंद्रों पर यह अभियान जारी है और अभी तक 3275 बालिकाओं को एचपीवी टीका लगाया जा चुका है।
यदि समाज, मीडिया और स्वास्थ्य विभाग मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाते हैं तो यह निश्चित रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य की दिशा में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।
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