ग्वालियर कार्यक्रम अन्तर्गत जिले में सोमवार से आंगनबाड़ी
कार्यकर्ताओं का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। प्रशिक्षण के पहले दिन महिला एवं बाल विकास
विभाग का शहरी परियोजना क.-1 के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का डॉ० भगवत सहाय महाविद्यालय में,
शहरी क.-02 के कार्यकर्ताओं का शासकीय रानी झलकारीबाई महाविद्यालय, मुरार परियोजना
अधिकारी का रीजनल मीडिया रिसोर्स सेंटर में एवं परियोजना कार्यालय शहरी क.-05 द्वारा होटल
साया इन ग्वालियर में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस 3 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान कुल 12 सत्रों
में अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षण किया जाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की दक्षता में वृद्धि की जावेगी।
प्रशिक्षण का निरीक्षण संभागीय संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास संभाग श्रीमती सीमा
शर्मा द्वारा किया गया। संयुक्त संचालक श्रीमती सीमा शर्मा ने प्रशिक्षणार्थियों से चर्चा की। उन्होंने
खासतौर पर शालापूर्व शिक्षा, कुपोषण, पूरक पोषण आहार एवं शालापूर्व शिक्षा के दौरान बच्चों में होने
वाले शारीरिक, मानसिक, संज्ञानात्मक, भाषा व सामाजिक विकास के बारे में विस्तार से बताया ।
प्रशिक्षण के दौरान विशेष तौर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से पूर्व टेस्ट भरवाया जाकर उनमें
ज्ञान के स्तर का आंकलन किया जा रहा है। साथ ही 03 से 06 वर्ष के बच्चों में विकास के लिये कौन-कौन
से क्षेत्र हो सकते है पर चर्चा हो रही है। हर आंगनबाड़ी केन्द्र में ईसीसीई के लिए अलग-अलग खेलों व
गतिविधियों के माध्यम से एवं वीडियो दिखाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है,
जिससे वे प्रशिक्षण से वापस जाकर आंगनबाड़ी केन्द्रों में उसका क्रियान्वयन कर सकें। इसी तरह
प्रशिक्षणार्थियों को आंगनबाड़ी क्षेत्र में किये जाने वाले प्रमुख कार्य कुपोषण व उसकी पहचान किस प्रकार
करें, कुपोषण का प्रबंधन व कारण तथा इस पर क्षेत्र में जाकर किस प्रकार कार्य करें, इसकी विधि भी
बताई जा रही है।
कुपोषण के कारण, पोषण के अलावा अन्य घटक व साफ-सफाई के साथ जन्म से 6 माह, 06 माह
से 03 वर्ष व 03 से 06 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में पोषण की मात्रा व पोषण में विविधता किस प्रकार रखी
जाये। साथ ही बच्चों के विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्वों कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन व सूक्ष्म पोषक तत्वों
आयरन, विटामिन, कैल्सियम, आयोडीन आदि की पूर्ति हो सके। इस विषय पर वीडियो दिखाकर मास्टर
ट्रेनर द्वारा चर्चा कर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण स्थलों पर परियोजना अधिकारी शहरी क.-01 श्री मनोज कुमार गुप्ता, परियोजना
अधिकारी, मुरार श्री सुनील शर्मा, परियोजना अधिकारी, शहरी क.-02 श्री राघवेन्द्र धाकड, परियोजना
अधिकारी, शहरी क.-05 श्रीमती रेखा तिवारी एवं विभिन्न परियोजना कार्यालयों से मास्टर ट्रेनर्स के रूप
में चयनित पर्यवेक्षक भी मौजूद रहीं।