पुस्तक मेले में लगभग 18 हजार अभिभावकों व बच्चों ने लगभग 2.63 करोड़ की खरीददारी की
पुस्तक विक्रेता बोले अगले मेले में देंगे और अधिक छूट
कलेक्टर श्रीमती चौहान व जिला पंचायत सीईओ श्री विवेक कुमार भी समापन दिवस पर मेले पहुँचे
ग्वालियर पिछले दस दिनों से मेला स्थित शिल्प बाजार परिसर में आयोजित हो रहे पुस्तक
मेले का सोमवार की देर शाम समापन हुआ। पुस्तक मेले की आखिरी शाम संभाग आयुक्त श्री मनोज खत्री भी
पहुँचे और पुस्तक मेले का जायजा लिया। उन्होंने पुस्तक विक्रेताओं एवं ग्वालियर डिवीजन चिल्ड्रन बुक सेलर
एसोसिएशन के पदाधिकारियों से कहा कि वे अपना दिल बड़ा रखें और अगले मेले में अभिभावकों को अधिक
से अधिक डिस्काउंट प्रदान करें। संभाग आयुक्त ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप इस साल जिला
प्रशासन द्वारा पुस्तक मेले का जो सिलसिला शुरू किया गया है वह आगे भी जारी रहना चाहिए। श्री खत्री ने
पुस्तक मेले में जरूरतमंद बच्चों को नि:शुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिये जिला प्रशासन द्वारा स्थापित किए
गए बुक बैंक की भी सराहना की।
दस दिवसीय पुस्तक मेला सार्थक सिद्ध हुआ है। मेले में लगभग 18 हजार अभिभावकों व उनके बच्चों ने
पुस्तकें, स्टेशनरी व यूनीफॉर्म की खरीददारी की। पुस्तक मेले में लगभग 2 करोड़ 63 लाख रूपए की पाठ्य
सामग्री व स्कूल ड्रेस इत्यादि की बिक्री हुई है।
इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री
विवेक कुमार, संयुक्त कलेक्टर श्री संजीव जैन, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अजय कटियार, पुस्तक मेला
आयोजन से जुड़े अन्य संबंधित अधिकारी एवं ग्वालियर डिवीजन चिल्ड्रन एसोसिएशन के पदाधिकारी व
पुस्तक विक्रेता मौजूद थे।
मेले के समापन के मौके पर बुक सेलर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने संभाग आयुक्त सहित सभी
अधिकारियों का स्वागत कर स्मृति चिन्ह भेंट किए। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा पुस्तक मेले में उपलब्ध कराई
गईं सुविधाओं के लिये आभार जताया।
ज्ञात हो कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान की पहल पर शिल्प बाजार में गत 22 मार्च को पुस्तक मेला
शुरू हुआ था। पहले मेले की अवधि 29 मार्च तक निर्धारित थी। अभिभावकों की मांग पर मेले की अवधि 31
मार्च तक बढ़ा दी गई थी।
विक्रेता बोले पुस्तक मेले की तरह बाजार की दुकानों पर भी छूट देंगे
ग्वालियर डिवीजन चिल्ड्रन बुक सेलर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री धनराज सेवानी व सचिव श्री अनूप
सिंघल सहित बुक सेलर एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारियों ने पुस्तक मेला के समापन अवसर पर कहा कि
मेले में जिन दुकानदारों ने अपनी दुकानें लगाई हैं वे सभी बाजार में भी अपनी-अपनी दुकानों पर पुस्तक मेले
की तरह ही डिस्काउंट उपलब्ध करायेंगे। पुस्तक मेले में छूट संबंधी जो बैनर लगाया है उसे बाजार की दुकानों
पर भी लगायेंगे। एसोसिएशन ने जिला प्रशासन को भरोसा दिलाया कि अगले साल पहले से ही पुस्तकों का
पर्याप्त स्टॉक कर पुस्तक मेले में इस साल से ज्यादा व आकर्षक छूट उपलब्ध करायेंगे। मेले की सफलता से खुश
होकर दुकानदारों ने 5 – 5 अभिभावकों को पुस्तकों के नि:शुल्क सैट उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया है।
दानदाताओं ने 1515 पुस्तकों के सैट दान में दिए, कलेक्टर ने जताया आभार
पुस्तक मेला परिसर में जिला प्रशासन द्वारा बुक बैंक स्थापित किया गया था, जिसमें कक्षावार पुस्तकें
दान में प्राप्त करने के लिये काउण्टर बनाए गए थे। जिलेवासियों ने बढ़चढ़कर अपने बच्चों की पुरानी पुस्तकें
दान में दीं। पुस्तक मेले के बुक बैंक में कुल मिलाकर 1515 पुस्तकों के सैट दान में प्राप्त हुए। इनमें से लगभग
675 सेट आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क उपलब्ध कराए जा चुके हैं। कलेक्टर श्रीमती
रुचिका चौहान ने पुस्तक दान में देने वाले दानदाताओं के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा कि बुक बैंक में
शेष बचे पुस्तक के सैट मलिन बस्तियों में नि:शुल्क कक्षायें चला रहीं संस्थाओं के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को
उपलब्ध कराए जायेंगे।
स्व-सहायता समूह की दीदियों के मसाले भी खूब बिके
पुस्तक मेला परिसर में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े “जय माता दी स्व-सहायता समूह”
द्वारा भी स्टॉल लगाया गया था। इस दस दिवसीय मेले में समूह की दीदियों द्वारा उत्पादित पापड़, चिप्स,
मसाले व शहद की खूब बिक्री हुई। लगभग 90 हजार रूपए की बिक्री इस समूह की हुई है। पुस्तक मेला परिसर
के फूड जोन में लगी खान-पान की दुकानों की भी खूब बिक्री हुई। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान व जिला
पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने भी पानी की टिक्की व चाट
का लुत्फ उठाया।