शिशु रोग विशेषज्ञों ने सीखा नवजातों में सांस लेने की दिक्कत का इलाज

 

 

भोपाल। गांधी मेडिकल कालेज भोपाल के शिशु रोग विभाग में एडवांस नियोनेटल रिससिटेशन प्रोग्राम (एनआरपी) का आयोजन किया गया। इसमें 42 शिशु रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस कोर्स के समन्वयक और हमीदिया अस्पताल में शिशु रोग विभाग के प्राध्यापक डा. राजेश टिक्कस ने बताया जन्म लेने वाले नवजातों में से 90 प्रतिशत को किसी तरह से श्वसन संबंधी दिक्कत नहीं होती। नौ प्रतिशत को बेसिक और एक प्रतिशत को एडवांस एनआरपी की आवश्यकता होती है। इसमें नवजात की श्वसन संबंधी दिक्कत को बिना दवाओं के भौतिक तरीके से कुछ क्रियाओं के जरिए ठीक किया जाता है। बता दें कि जुड़वा बच्चे होने के साथ अन्य कारणों के जन्म लेने के तुरंत बाद कुछ नवजातों को सांस लेने की तकलीफ होती है। सागर के मेडिकल कालेज के पूर्व डीन डा. एके रावत ने एक पुतला के जरिए शिशु रोग विशेषज्ञों को एनआरपी के बारे में बताया। शिशु रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डा. ज्योत्सना श्रीवास्तव ने बताया कि नेशनल नियोनेटल फोरम, शिशु रोग विभाग और इंडियन एकेडमी आफ पीडियाट्रिक की मदद से यह कोर्स आयोजित किया