1976 ई. में क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की अस्थियां लेते हुए शहीद-ए-आजम भगतसिंह के भाई कुलतार सिंह
शिव विनायक मिश्र के पोते सतीश मिश्र के मुताबिक आजाद के अंतिम संस्कार में कमला नेहरू आई थीं और उनको पता था कि शिव विनायक मिश्र चंद्रशेखर आजाद के करीबी हैं, इसलिए उनको भी बुलवाया गया।
इलाहाबाद में रसूलाबाद घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। बाद में शिव विनायक मिश्र बची हुई अस्थियां लेकर बनारस आए।
सरदार भगत सिंह के छोटे भाई कुलतार सिंह 1974 में कांग्रेस के टिकट से सहारनपुर से एमएलए चुने गए थे। सूबे के सीएम नारायण दत्त तिवारी ने उन्हें खाद्य रसद और पेंशन राज्यमंत्री बनाया।
1976 में कुलतार सिंह ने बनारस जाकर शिव विनायक मिश्र के घर से आजाद के अस्थि कलश को हासिल किया। कई शहरों में प्रोग्राम हुए, फिर उन्हें लखनऊ संग्रहालय में रख दिया
