ग्वालियर व्यापार मेला नई पहचान की ओर, 2 दिन की बड़ी रणनीति
भूमिका
ग्वालियर व्यापार मेला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में नई दिल्ली में दो दिवसीय उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों का उद्देश्य ग्वालियर व्यापार मेला को अधिक भव्य, आकर्षक और व्यापक स्तर पर स्थापित करना रहा।
ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अशोक जादौन और उपाध्यक्ष श्री उदयवीर गुर्जर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न संस्थाओं और राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा की। इस दौरान आगामी मेले के स्वरूप, प्रचार-प्रसार और सहभागिता बढ़ाने पर विशेष फोकस रहा।
मुख्य तथ्य
नई दिल्ली में आयोजित बैठकों में भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन कार्यरत इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (आईटीपीओ) तथा विभिन्न राज्यों के एम्पोरियम प्रतिनिधियों के साथ रणनीतिक कार्ययोजना तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठकों में ग्वालियर व्यापार मेला की ब्रांडिंग, आधुनिक व्यवस्थाओं, तकनीकी सहयोग और राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य मेले को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सहयोगी संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित करना था।
महत्वपूर्ण बिंदु
बैठकों के पहले चरण में नई दिल्ली स्थित आईटीपीओ मुख्यालय में चर्चा हुई। यहां मेला प्राधिकरण के प्रतिनिधिमंडल ने आईटीपीओ के प्रबंध निदेशक श्री नीरज खरवाल और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया।
चर्चा में मेले को आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित करने, अधोसंरचना को बेहतर बनाने और प्रदर्शनी प्रबंधन को अधिक प्रभावी स्वरूप देने पर सकारात्मक बातचीत हुई।
आईटीपीओ अधिकारियों ने श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेले के ऐतिहासिक महत्व और संभावनाओं की सराहना करते हुए तकनीकी सहयोग, पेशेवर प्रबंधन और प्रचार-प्रसार में सहयोग का आश्वासन दिया।
विस्तृत जानकारी

दूसरे चरण की बैठक मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली में आयोजित की गई। अध्यक्ष श्री अशोक जादौन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उपाध्यक्ष श्री उदयवीर गुर्जर, प्राधिकरण के सचिव और विभिन्न राज्यों के एम्पोरियम प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में आगामी ग्वालियर विंटर मेले में भागीदारी के लिए विभिन्न राज्यों के एम्पोरियम प्रतिनिधियों को औपचारिक आमंत्रण दिया गया। इसके साथ ही मेले की परंपरा, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को दर्शाने वाली विशेष डॉक्यूमेंट्री एवं प्रस्तुतीकरण भी प्रदर्शित किया गया।
उपस्थित प्रतिनिधियों ने प्रस्तुतीकरण की सराहना करते हुए मेले की संभावनाओं को महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर ने विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को ग्वालियर मेले की कार्यप्रणाली और विकास की दिशा को समझने का अवसर प्रदान किया।
बैठक के बाद आयोजित सहभोज कार्यक्रम में भी विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इस दौरान अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने एम्पोरियम का भ्रमण कर उनके संचालन, उत्पादों की गुणवत्ता, विपणन व्यवस्था और प्रस्तुतीकरण का अवलोकन किया।
भ्रमण के दौरान प्राप्त सुझावों को मेले की भविष्य की योजनाओं में उपयोगी माना गया। प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए और कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
विश्लेषण
नई दिल्ली में आयोजित इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य ग्वालियर व्यापार मेला को अधिक व्यवस्थित, आधुनिक और व्यापक स्वरूप प्रदान करना रहा। आईटीपीओ जैसे संस्थान के साथ तकनीकी सहयोग की चर्चा मेले के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
विभिन्न राज्यों के एम्पोरियम प्रतिनिधियों की भागीदारी से यह संकेत मिलता है कि आगामी आयोजन में विविधता और व्यापक सहभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठकों में केवल आयोजन संबंधी पहलुओं पर ही चर्चा नहीं हुई बल्कि व्यापारियों और प्रदर्शकों की सुविधाओं को भी प्राथमिकता में रखा गया। इससे आयोजन को अधिक उपयोगी और सहभागी बनाने की दिशा स्पष्ट दिखाई देती है।
प्रभाव
बैठक के दौरान एम्पोरियम प्रतिनिधियों ने स्टॉलों के लिए भूमि आवंटन दरों सहित विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव रखे। इस पर अध्यक्ष श्री अशोक जादौन ने कहा कि व्यापारियों और प्रदर्शकों की सुविधा को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्राप्त सुझावों पर सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उचित निर्णय लिए जाएंगे। इससे आयोजन में भाग लेने वाले हितधारकों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने की दिशा मजबूत होती दिखाई देती है।
ग्वालियर व्यापार मेला को व्यापक मंच बनाने की दिशा में यह पहल विभिन्न राज्यों और प्रतिनिधियों के बीच समन्वय बढ़ाने में भी सहायक साबित हो सकती है।
भविष्य की दिशा

बैठकों के दौरान अध्यक्ष श्री अशोक जादौन ने कहा कि वर्ष 1905 में एक साधारण पशु मेले के रूप में प्रारंभ हुआ ग्वालियर व्यापार मेला आज देश के प्रमुख व्यापारिक आयोजनों में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है।
उन्होंने कहा कि मेले को ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान का प्रभावी मंच बनाकर देश के कारीगरों, शिल्पकारों और उद्यमियों को वैश्विक अवसर उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ग्वालियर व्यापार मेला “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की भावना को साकार करने के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के “अभ्युदय मध्यप्रदेश” संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
उपाध्यक्ष श्री उदयवीर गुर्जर ने कहा कि यह मेला केवल व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र नहीं बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। उनका लक्ष्य आगामी विंटर मेले में विभिन्न राज्यों के हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों और नवाचारों को व्यापक मंच उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि इससे व्यापार को नई गति मिलेगी और देश-विदेश के पर्यटक भी ग्वालियर मेले की ओर आकर्षित होंगे।
निष्कर्ष

नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय रणनीतिक बैठकों ने ग्वालियर व्यापार मेला को नई दिशा देने की आधारशिला रखी है। आईटीपीओ और विभिन्न राज्यों के एम्पोरियम प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चाओं से मेले को अधिक प्रभावी, आकर्षक और व्यापक स्वरूप देने की तैयारी दिखाई देती है।
व्यापारियों की सुविधाओं, तकनीकी सहयोग, व्यापक प्रचार-प्रसार और राज्यों की भागीदारी पर केंद्रित यह पहल आगामी आयोजन को नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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