नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है – श्री महेन्द्र सिंह यादव
भूमिका
ग्वालियर, 26 जून 2026/ अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस के अवसर पर सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा नशामुक्ति जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत बाल भवन, सिटी सेंटर में नशामुक्ति जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस के अवसर पर आयोजित इस नशामुक्ति जागरूकता सेमिनार में समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता देखने को मिली। कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा नशामुक्ति जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत किया गया।
मुख्य तथ्य
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपेक्स बैंक के प्रशासक श्री महेंद्र सिंह यादव थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता गंगा जगतगुरु अखाड़ा परिषद के संस्थापक जगतगुरु श्री आनंदेश्वर महाराज ने की। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री अनिल बनवारिया, सहायक संचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग सुश्री नम्रता गुप्ता, डॉ. रश्मि मिश्रा, एडवोकेट धर्मेंद्र शर्मा, नारकोटिक्स विभाग के श्री आदित्य रंजन, सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री उमेश कुमार स्वर्णकार तथा ब्रह्माकुमारी संस्थान के श्री प्रहलाद सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर नशे के दुष्परिणामों का प्रभावी मंचन किया और उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
महत्वपूर्ण बिंदु
कार्यक्रम की रूपरेखा एवं स्वागत उद्बोधन सामाजिक सुरक्षा अधिकारी श्रीमती पूर्वी अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत किया गया। अपेक्स बैंक के प्रशासक श्री महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा शिक्षा, रोजगार, खेल और राष्ट्र निर्माण में लगाने तथा नशे से दूर रहने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
जगतगुरु श्री आनंदेश्वर महाराज ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि संयम, संस्कार और आध्यात्मिकता नशे से मुक्ति का सबसे प्रभावी मार्ग है। उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से अपने परिवार और आसपास के लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने की अपील की।
विस्तृत जानकारी
अपर कलेक्टर श्री अनिल बनवारिया ने कहा कि नशा मुक्ति केवल शासन का अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी का आंदोलन है। उन्होंने कहा कि जब समाज, परिवार, शैक्षणिक संस्थान और प्रशासन मिलकर कार्य करेंगे, तभी नशामुक्त ग्वालियर एवं नशामुक्त भारत का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा।
सेमिनार में डॉ. रश्मि मिश्रा, एडवोकेट धर्मेंद्र शर्मा, श्री आदित्य रंजन, श्री उमेश कुमार स्वर्णकार एवं श्री प्रहलाद ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं कानूनी दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा नशामुक्ति का संदेश समाज तक पहुँचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन रमन शिक्षा समिति के अध्यक्ष समाजसेवी हरिओम गौतम ने किया। वहीं श्री आकाश वशिष्ठ ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि श्री महेंद्र सिंह यादव ने सभी उपस्थित लोगों को जीवन में कभी भी किसी भी प्रकार का नशा न करने का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के एनसीसी एवं एनएसएस स्वयंसेवक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं नागरिक उपस्थित रहे।
विश्लेषण
नशामुक्ति जागरूकता सेमिनार का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में प्रशासन, सामाजिक संगठनों, धार्मिक प्रतिनिधियों तथा विभिन्न संस्थाओं की सहभागिता यह दर्शाती है कि नशा मुक्ति को सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है। वक्ताओं द्वारा नशे के विभिन्न दुष्परिणामों पर प्रकाश डालकर जनजागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
प्रभाव
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों और नागरिकों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। सामूहिक संकल्प के माध्यम से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया गया। इससे समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
भविष्य की दिशा
कार्यक्रम में व्यक्त विचारों के अनुसार समाज, परिवार, शैक्षणिक संस्थानों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से नशामुक्त ग्वालियर एवं नशामुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में कार्य करने पर बल दिया गया। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रहकर सकारात्मक गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
निष्कर्ष
अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस पर आयोजित नशामुक्ति जागरूकता सेमिनार में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने और नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया।
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