मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में अविश्वास प्रस्ताव लाएगी कांग्रेस

2011 में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया था, जिस पर चार दिन सदन में चर्चा हुई थी।

भोपाल (राज्य ब्यूरो)। कांग्रेस विधानसभा के शीतकालीन सत्र में शिवराज सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और भर्ती घोटाला मुख्य मुद्दे होंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डा. गोविंद सिंह को अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी की जिम्मेदारी सौंपी है। इस काम में पूर्व विधायक पारस सकलेचा सहयोग कर रहे हैं। विधायकों से भी भ्रष्टाचार संबंधी प्रमाणिक जानकारियां मांगी गई हैं। कांग्रेस विधायक दल ने वर्ष 2013 में शिवराज सरकार के विरुद्ध आखिरी बार अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया था, लेकिन इस पर सदन में चर्चा नहीं हो पाई थी। इसके पहले वर्ष 2011 में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया था, जिस पर चार दिन सदन में चर्चा हुई थी।

इसके बाद अब कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है। नेता प्रतिपक्ष डा.गोविंद सिंह ने तैयारी प्रारंभ कर दी है। इसे लेकर बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। इसमें कुछ सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी भी सहयोग कर रहे हैं। उधर, पार्टी के विधायकों से कहा गया है कि वे भ्रष्टाचार से जुड़े प्रामाणिक मुद्दे दें, ताकि उन्हें अविश्वास प्रस्ताव में शामिल किया जा सके। पूर्व विधायक पारस सकलेचा भी इस काम में सहयोगी की भूमिका निभा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मुद्दा बनाया जाएगा। अभी तक सरकार के ऊपर तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण हो चुका है। पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 30 लाख से अधिक है।

पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस की मूल्य वृद्धि से हर व्यक्ति परेशान है। अनुसूचित जनजाति और जाति वर्ग पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं और कार्रवाई नहीं हो रही है। कारम बांध में जिस तरह अधिकारियों की ठेकेदारों से मिलीभगत की बात सामने आई है, उसे मुद्दा बनाया जाएगा। नर्सिंग कालेज, पुलिस भर्ती घोटाला, ओबीसी आरक्षण सहित अन्य विषयों को लेकर भी पार्टी स्तर पर तैयारी की जा रही है। आदिवासी क्षेत्रों में जैविक खाद के वितरण की गड़बड़ी को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

मानसून सत्र में ही लाना चाहते थे अविश्वास प्रस्ताव : डा.गोविंद सिंह

 

नेता प्रतिपक्ष डा.गोविंद सिंह ने बताया कि हम मानसून सत्र में ही अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहते थे, इसलिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से अनुरोध किया था कि मानसून सत्र की अवधि कम से कम 20 दिन रखी जाए। सत्र पांत्र दिन के लिए बुलाया गया है। इसमें पहले दिन दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी जाएगी और फिर सरकार अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेगी। ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराने के लिए समय नहीं बचेगा। इसे ध्यान में रखते हुए विधानसभा के नवंबरदिसंबर में होने वाले शीतकालीन सत्र में अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। यदि तब भी सरकार सत्र की अवधि पर्याप्त नहीं रखती है तो सदन में ही धरना दिया जाएगा।

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