योग दिवस: ग्वालियर में 12वां आयोजन, किला बना योगमय
भूमिका
ग्वालियर जिले में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन भव्यता और उत्साह के साथ किया गया। पूरे जिले में गांव-गांव और शहर-शहर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित हुए। ऐतिहासिक ग्वालियर दुर्ग स्थित राजा मानसिंह तोमर महल परिसर में जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विद्यार्थी और नागरिक शामिल हुए।
इस योग दिवस कार्यक्रम ने न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर योग के महत्व को भी रेखांकित किया।
मुख्य तथ्य
जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन ग्वालियर के ऐतिहासिक दुर्ग पर किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के जल संसाधन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उद्बोधन का सीधा प्रसारण भी किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने देखा और सुना।
महत्वपूर्ण बिंदु

प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुँवर सिंह जाटव, पूर्व सांसद श्री विवेक शेजवलकर, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री जयप्रकाश राजौरिया सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इसके अलावा संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री धर्मवीर सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने भी योगाभ्यास किया।
विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ योग संस्थाओं से जुड़े नागरिक, विद्यार्थी, शिक्षक और बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक शामिल हुए। जब सभी प्रतिभागियों ने एक साथ एक संकेत पर योगाभ्यास और प्राणायाम किया तो पूरा परिसर योगमय वातावरण में बदल गया।
सामूहिक योगाभ्यास ने उपस्थित लोगों पर गहरा प्रभाव छोड़ा। योग के विभिन्न आसनों और प्राणायाम के अभ्यास के दौरान अनुशासन और सामूहिक सहभागिता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
प्रभारी मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर पिछले 12 वर्षों से पूरे विश्व में योग दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने इसे भारत के लिए गौरव का विषय बताया।
उन्होंने कहा कि समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना आवश्यक है। नियमित योगाभ्यास इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
श्री सिलावट ने लोगों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि योग से नई ऊर्जा प्राप्त होती है और मानसिक मजबूती भी मिलती है।
विश्लेषण

ग्वालियर जिले में आयोजित कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में निरंतर प्रयास है। जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में कार्यक्रमों का आयोजन समाज के सभी वर्गों की सहभागिता को दर्शाता है।
ऐतिहासिक दुर्ग जैसे महत्वपूर्ण स्थल पर कार्यक्रम का आयोजन इसे विशेष बनाता है। इससे योग के प्रति लोगों की रुचि और जागरूकता को बढ़ावा मिला है।
प्रभाव
जिले भर में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में नागरिकों की भागीदारी ने स्वास्थ्य और योग के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार किया। शैक्षणिक, सामाजिक एवं अन्य संस्थाओं ने भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।
योग दिवस के अवसर पर लोगों ने केवल योगाभ्यास ही नहीं किया, बल्कि प्रतिदिन योग करने का संकल्प भी लिया। इससे आने वाले समय में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भविष्य की दिशा
जिले में आयोजित कार्यक्रमों ने यह स्पष्ट किया कि योग को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास लगातार जारी है। समाज के सभी वर्गों द्वारा योग को अपनाने का संकल्प आने वाले समय में स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में सहायक साबित हो सकता है।
नियमित योगाभ्यास को जीवन का हिस्सा बनाने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूती मिल सकती है। यही संदेश इस वर्ष के आयोजन के माध्यम से भी दिया गया।
निष्कर्ष

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ग्वालियर पूरी तरह योगमय नजर आया। ऐतिहासिक दुर्ग से लेकर जिले के गांवों और शहरों तक योग के प्रति उत्साह देखने को मिला। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों की सहभागिता ने इस आयोजन को विशेष बना दिया।
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