जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन दिवस पर मंत्री श्री कुशवाह के मुख्य आतिथ्य में
भूमिका
ग्वालियर – जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन अवसर पर मंगलवार को सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह के मुख्य आतिथ्य में भव्य जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस साल चले अभियान के तहत ग्वालियर जिले में इस साल जल संरक्षण व संवर्धन से संबंधित 18 हजार 704 कार्य पूर्ण हुए हैं। इससे लगभग 24 लाख घन मीटर जल संग्रहण क्षमता की बढ़ोत्तरी हुई है।
बाल भवन में आयोजित हुए कार्यक्रम में मंत्री श्री कुशवाह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का वाचन किया। साथ ही जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में जल गंगा संवर्धन अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले नागरिकों व शासकीय सेवकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे व हरियाली धरती माता के गहने होते हैं। हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि जल संरक्षण व संवर्धन के साथ-साथ बड़े पैमाने पर पौधे रोपें और उनका संरक्षण भी करें।
मुख्य तथ्य
कार्यक्रम में पूर्व सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर, जीडीए के अध्यक्ष श्री मधुसूदन सिंह भदौरिया, मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अशोक जादौन, साडा अध्यक्ष श्री अशोक शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री जयप्रकाश राजौरिया, मेला उपाध्यक्ष श्री उदयवीर सिंह, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती प्रियंका घुरैया, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सोजान सिंह रावत एवं अपर आयुक्त नगर निगम श्री टी. प्रतीक राव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सभी की भागीदारी से नदी, कुएं, बावड़ी, जलाशयों एवं अन्य जल स्रोतों के संरक्षण के लिए चलाए गए जल गंगा संवर्धन अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने लक्ष्मीगंज क्षेत्र स्थित मेहराब साहब की तलैया और शहर की बावड़ियों के जीर्णोद्धार का उल्लेख करते हुए सभी 118 बावड़ियों के संरक्षण में सहभागिता का आह्वान किया।
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महत्वपूर्ण बिंदु
पूर्व सांसद श्री विवेक शेजवलकर ने कहा कि अभियान से पर्यावरण और जल संरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने वर्षा काल में सभी के सहयोग से जल निकास की समुचित व्यवस्था बनाने पर बल दिया।
जीडीए अध्यक्ष श्री मधुसूदन सिंह भदौरिया ने कहा कि भारतीय संस्कृति में जल स्रोतों के संरक्षण की समृद्ध परंपरा रही है और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए आज जल बचाना आवश्यक है।
मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अशोक जादौन ने अभियान से पानी सहेजने के सकारात्मक वातावरण का उल्लेख करते हुए साझा प्रयासों से मुरार नदी को पहले की तरह स्वच्छ बनाने की बात कही।
भाजपा जिला अध्यक्ष श्री जयप्रकाश राजौरिया ने जल को कृषि, उद्योग और मानव जीवन के लिए अमूल्य संसाधन बताते हुए अभियान की आवश्यकता पर बल दिया।
विस्तृत जानकारी
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में अभियान के माध्यम से सकारात्मक बदलाव आया है तथा पिछले वर्ष से अब तक लगभग 900 खेत तालाब बनाए जा चुके हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। छात्रा कु. अनुष्का ने शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किया, जिसकी सराहना करते हुए मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने अपनी निधि से 10 हजार रुपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की।
19 मार्च से 30 जून तक चले जल गंगा संवर्धन अभियान के दौरान जिले में कुल 18 हजार 704 कार्य किए गए। इनमें नगर निगम ग्वालियर के 12 हजार 11 कार्य शामिल रहे। अभियान के अंतर्गत एक हजार अमृत मित्र तैयार किए गए, जो जल संरक्षण एवं जन जागरूकता में सहयोग कर रहे हैं।
शहर में 3008 जल नमूनों की गुणवत्ता जांच, 1959 पाइपलाइन एवं सीवेज लीकेज सुधार तथा 655 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण कराया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में 679 खेत तालाब, 762 कूप रीचार्ज, 2761 अन्य कार्य तथा 267 अतिरिक्त जल संरक्षण संबंधी कार्य कराए गए।
विश्लेषण
उपलब्ध जानकारी के अनुसार जल गंगा संवर्धन अभियान के दौरान जिले में जल संरक्षण, जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने, जल स्रोतों के संरक्षण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, खेत तालाब, कूप रीचार्ज और जन जागरूकता से जुड़े अनेक कार्य किए गए। कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने जल संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए अभियान के परिणामों का उल्लेख किया।
प्रभाव
अभियान के तहत 18 हजार 704 कार्य पूर्ण होने और लगभग 24 लाख घन मीटर जल संग्रहण क्षमता बढ़ने की जानकारी दी गई। साथ ही शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण संबंधी कार्य, अमृत मित्रों की भागीदारी, खेत तालाब निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग तथा जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन अभियान की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत किया गया।
भविष्य की दिशा
कार्यक्रम में सभी 118 बावड़ियों के जीर्णोद्धार में जनभागीदारी बढ़ाने, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने, पौधों के संरक्षण तथा जल संरक्षण के कार्यों को आगे भी सामूहिक रूप से जारी रखने पर जोर दिया गया।
निष्कर्ष
जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जिले में हुए कार्यों, जल संग्रहण क्षमता में वृद्धि, उत्कृष्ट योगदानकर्ताओं के सम्मान, जल संरक्षण के प्रयासों और भविष्य में सामूहिक भागीदारी से जल स्रोतों एवं पर्यावरण संरक्षण को आगे बढ़ाने पर बल दिया गया।


