जिले की जरूरतमंद महिलाएं “शक्ति दीदी” बनकर लिख रहीं हैं महिला सशक्तिकरण की इबारत
भूमिका
ग्वालियर – ग्वालियर जिले में महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप हुए “शक्ति दीदी” नवाचार के तहत जरूरतमंद महिलाएँ पेट्रोल पंपो पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर का मोर्चा संभाल कर आत्मनिर्भर बन रहीं हैं । शनिवार 4 जुलाई को 5 जरूरतमंद महिलायें “शक्ति दीदी” बनी। जिले में अब तक 123 जरूरतमंद महिलायें शक्ति दीदी नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर हो चुकी हैं।
मुख्य तथ्य
शनिवार को जिले में 5 जरूरतमंद महिलाओं को “शक्ति दीदी” के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई। इस नवाचार के माध्यम से महिलाएं पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर के रूप में कार्य कर रही हैं। जिले में अब तक कुल 123 जरूरतमंद महिलाएं “शक्ति दीदी” बनकर आत्मनिर्भर हो चुकी हैं। यह पहल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप संचालित की जा रही है।
कमलाराजा हॉस्पिटल के नजदीक स्थित जैन मोटर्स कम्पू पर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने सुश्री हेमलता, सुश्री ललिता और सुश्री प्रियंका को शक्ति दीदी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी। इस अवसर पर महिलाओं का फूल मालाओं से स्वागत किया गया तथा उन्हें शक्ति दीदी की जैकेट भी पहनाई गई।
महत्वपूर्ण बिंदु
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने शक्ति दीदियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें आत्मविश्वास के साथ अपने दायित्व निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस उनकी सहायता के लिए तत्पर हैं। साथ ही पेट्रोल पंप संचालक को निर्देश दिए गए कि शक्ति दीदियों को कार्य के दौरान किसी प्रकार की समस्या नहीं आनी चाहिए।
इस दौरान सहायक संचालक महिला बाल विकास श्री राहुल पाठक एवं सहायक जिला आपूर्ति अधिकारी श्री सौरभ जैन भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महिलाओं को नई जिम्मेदारी सौंपने के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका उत्साह बढ़ाया। महिलाओं का स्वागत कर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं भी दी गईं।
विस्तृत जानकारी
गंगा फिलिंग स्टेशन वीरपुर पर अपर जिला दण्डाधिकारी श्री सी. बी. प्रसाद ने सुश्री आरती बघेल को “शक्ति दीदी” की जिम्मेदारी सौंपी। वहीं सिंहपुर रोड मुरार स्थित माँ पेट्रोलियम पर संयुक्त कलेक्टर श्रीमती जुही गर्ग ने सुश्री मनीषा को शक्ति दीदी के रूप में फ्यूल डिलेवरी वर्कर की जिम्मेदारी प्रदान की।
इस पहल के अंतर्गत जरूरतमंद महिलाओं को पेट्रोल पंपों पर कार्य का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में लगातार महिलाओं को “शक्ति दीदी” बनाकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में महिलाओं को जिम्मेदारियां सौंपने की प्रक्रिया संपन्न हुई।
विश्लेषण
उपलब्ध जानकारी के अनुसार “शक्ति दीदी” नवाचार के माध्यम से जरूरतमंद महिलाओं को फ्यूल डिलेवरी वर्कर की जिम्मेदारी देकर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति और महिलाओं को जिम्मेदारी सौंपने की प्रक्रिया इस पहल के संचालन को दर्शाती है। उपलब्ध आंकड़ों से यह भी स्पष्ट होता है कि इस पहल के अंतर्गत महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का कार्य निरंतर जारी है।
प्रभाव
जिले में अब तक 123 जरूरतमंद महिलाओं का “शक्ति दीदी” के रूप में आत्मनिर्भर बनना इस पहल की प्रगति को दर्शाता है। शनिवार को 5 नई महिलाओं के जुड़ने से इस नवाचार का दायरा आगे बढ़ा है। इससे अधिक जरूरतमंद महिलाओं तक इस पहल का लाभ पहुंचाने की दिशा में प्रयास जारी रहने का संकेत मिलता है।
भविष्य की दिशा
समाचार के अनुसार जिले में “शक्ति दीदी” नवाचार के माध्यम से जरूरतमंद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य जारी है। इसी क्रम में पात्र महिलाओं को इस नवाचार से जोड़ने की प्रक्रिया आगे भी संचालित की जा रही है।
निष्कर्ष
ग्वालियर जिले में “शक्ति दीदी” नवाचार के अंतर्गत जरूरतमंद महिलाओं को पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर की जिम्मेदारी देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। शनिवार को 5 महिलाओं को नई जिम्मेदारी सौंपी गई और जिले में अब तक 123 महिलाएं इस पहल से जुड़ चुकी हैं। अधिक स्थानीय समाचारों के लिए राजधानी सामना तथा वीडियो अपडेट के लिए हमारा यूट्यूब चैनल देखें।


