मन की बात: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में सुना 132वां भाग

मन की बात: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में सुना 132वां भाग

भूमिका

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ आज एक बार फिर देशवासियों के बीच अपने 132वें संस्करण के साथ गूँजा। 29 मार्च 2026 की इस सुबह को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेहद खास अंदाज में मनाया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव अपने इंदौर प्रवास के दौरान लोकमाता अहिल्याबाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में मौजूद थे। यहीं उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का श्रवण किया और देश के नाम उनके संदेश को आत्मसात किया।

‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि यह करोड़ों भारतीयों की भावनाओं और देश की प्रगति का एक साझा मंच बन चुका है जिसे मुख्यमंत्री ने सराहा।

मुख्य तथ्य

इस रविवार की सुबह आकाशवाणी से प्रसारित ‘मन की बात’ का यह 132वां संस्करण कई मायनों में ऐतिहासिक और प्रेरणादायक रहा। इसमें प्रधानमंत्री ने देश की आंतरिक और बाह्य चुनौतियों पर विस्तार से बात की।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विशेष रूप से पश्चिम एशिया के हालातों का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपजी स्थितियों में भारत की एकजुटता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर एयरपोर्ट पर अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकर इस कार्यक्रम को सुना। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री की देश के प्रति संवेदनशीलता और जुड़ाव का एक अनूठा उदाहरण बताया।

महत्वपूर्ण बिंदु

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में राजनीति से ऊपर उठकर देशहित को सर्वोपरि रखने की बात कही। उन्होंने 140 करोड़ देशवासियों से अफवाहों से बचने और सरकार द्वारा दी जा रही आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।

कार्यक्रम में इंदौर के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट और सांसद श्री शंकर लालवानी ने भी इस कार्यक्रम का लाभ उठाया।

‘मन की बात’ के माध्यम से प्रधानमंत्री ने यह संदेश दिया कि कठिन से कठिन परिस्थितियों को भी हम अपनी सामूहिक इच्छाशक्ति और सामर्थ्य से पार कर सकते हैं, जैसा कि भारत ने अतीत में भी किया है।

विस्तृत जानकारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर एयरपोर्ट पर कार्यक्रम सुनने के बाद विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ प्रधानमंत्री की ‘देश से अपनी बात’ कहने और जनता से जुड़े रहने का सबसे सशक्त माध्यम है।

डॉ. यादव के अनुसार, यह कार्यक्रम गैर-राजनीतिक विषयों को सामने लाता है। इसमें देश में हो रहे नवाचारों, विकास कार्यों और जनकल्याण की योजनाओं की चर्चा होती है जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती है।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री का यह प्रयास पूरे देश को सौहार्द्र, भाईचारे और एकजुटता के सूत्र में पिरोने का काम करता है। यह एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला मंच है।

विश्लेषण

‘मन की बात’ के 132वें संस्करण का गहराई से विश्लेषण करें तो यह स्पष्ट होता है कि प्रधानमंत्री देश को किसी भी बाहरी भ्रम या आंतरिक कलह से बचाना चाहते हैं। उन्होंने पश्चिम एशिया के संदर्भ में राजनीति करने वालों को कड़ा संदेश दिया।

प्रधानमंत्री का यह कहना कि इसमें राजनीति का कोई स्थान नहीं है, यह दर्शाता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंध 140 करोड़ भारतीयों के भविष्य से जुड़े हैं। यहाँ सावधानी और जागरूकता ही एकमात्र विकल्प है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम हम सभी के लिए एक बड़ी सौगात है, जो हमें बार-बार यह याद दिलाता है कि हम एक मजबूत राष्ट्र का हिस्सा हैं।

प्रभाव

इस कार्यक्रम का प्रभाव जनमानस पर गहरा पड़ता है। जब मुख्यमंत्री जैसे शीर्ष पद पर बैठे व्यक्ति सार्वजनिक स्थान जैसे एयरपोर्ट पर इसे सुनते हैं, तो यह आम नागरिकों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

इंदौर एयरपोर्ट पर मौजूद जनप्रतिनिधियों, जिनमें विधायक सुश्री उषा ठाकुर, श्रीमती मालिनी गौड़ और महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव शामिल थे, की उपस्थिति ने इस अवसर को और भी गरिमामय बना दिया।

प्रधानमंत्री की अपील कि “अफवाहों के बहकावे में न आएं” का सीधा असर समाज की स्थिरता पर पड़ता है। इससे लोगों में सरकार की सूचनाओं के प्रति विश्वसनीयता बढ़ती है और समाज में शांति बनी रहती है।

भविष्य की दिशा

प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जिस तरह भारत ने पहले भी कई बड़े संकटों को मात दी है, उसी तरह 140 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य से हम इस कठिन परिस्थिति से भी बाहर निकल आएंगे।

भविष्य में ‘मन की बात’ कार्यक्रम इसी तरह देश को दिशा दिखाने का काम करता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी संकेत दिया कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप विकास और नवाचार को प्राथमिकता देती रहेगी।

समाज के हर वर्ग, विशेषकर युवाओं और जनप्रतिनिधियों को प्रधानमंत्री के इस आह्वान को गंभीरता से लेना होगा ताकि देश की अखंडता और सकारात्मकता पर कोई आंच न आए।

निष्कर्ष

अंततः, ‘मन की बात’ का 132वां संस्करण राष्ट्रभक्ति और एकजुटता का एक नया पाठ पढ़ा गया है। इंदौर की धरती से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सहभागिता ने यह सिद्ध किया कि नेतृत्व और जनता एक ही दिशा में अग्रसर हैं।

यह कार्यक्रम हमें विश्वास दिलाता है कि जब तक हम एक होकर चुनौतियों का सामना करेंगे, भारत को प्रगति के पथ पर बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। अफवाहों को नकारना और सत्य का साथ देना ही आज की सबसे बड़ी देशभक्ति है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का यह संवाद देश के कोने-कोने में सकारात्मकता का बीज बो रहा है, जिसका फल आने वाले समय में एक विकसित और समृद्ध भारत के रूप में हम सभी के सामने होगा।

अधिक जानकारी के लिए देखें: राजधानी सामना

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आगे क्या होगा? क्या आप भी प्रधानमंत्री के इस संदेश से सहमत हैं? अपनी राय हमें जरूर बताएं।

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