थाना सिरोल द्वारा सेफ क्लिक 2.0 अभियान के अंतर्गत दिनांक 28 जून 2026 को आदित्य रेजिडेंसी, हुरावली, ग्वालियर में व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
भूमिका
थाना सिरोल द्वारा सेफ क्लिक 2.0 अभियान के अंतर्गत दिनांक 28 जून 2026 को आदित्य रेजिडेंसी, हुरावली, ग्वालियर में व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवेश सिंह बघेल तथा थाना प्रभारी सिरोल निरीक्षक गोविन्द वल्लभ बगोली उपस्थिति रहे |
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्वालियर द्वारा आदित्य रेजिडेंसी के रहवासियों को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने डिजिटल अरेस्ट, यूपीआई फ्रॉड, केवाईसी अपडेट के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी, फर्जी लिंक एवं ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों से सावधान रहने के संबंध में उपयोगी सुझाव दिए। साथ ही किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी नागरिकों ने साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।
मुख्य तथ्य
थाना सिरोल द्वारा सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत 28 जून 2026 को ग्वालियर के हुरावली स्थित आदित्य रेजिडेंसी में एक व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवेश सिंह बघेल तथा थाना प्रभारी सिरोल निरीक्षक गोविन्द वल्लभ बगोली उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान आदित्य रेजिडेंसी के रहवासियों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों से सतर्क रहने की सलाह दी गई।
महत्वपूर्ण बिंदु
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवेश सिंह बघेल ने नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट से संबंधित धोखाधड़ी के बारे में जागरूक किया। इसके अलावा यूपीआई फ्रॉड, केवाईसी अपडेट के नाम पर होने वाली ठगी, फर्जी लिंक और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों से बचने के उपाय भी बताए गए।
साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के महत्व पर जोर देते हुए नागरिकों को 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई।
विस्तृत जानकारी
सेफ क्लिक 2.0 अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना रहा। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने साइबर अपराध के बदलते स्वरूप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सक्रिय ठगों के विभिन्न तरीकों के संबंध में जानकारी साझा की।
निवासियों को बताया गया कि अनजान लिंक पर क्लिक करने, बिना सत्यापन के व्यक्तिगत जानकारी साझा करने और केवाईसी अपडेट के नाम पर प्राप्त होने वाले संदिग्ध संदेशों से सावधान रहना आवश्यक है। इसके साथ ही डिजिटल लेनदेन करते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर समय रहते शिकायत दर्ज कराना अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
विश्लेषण
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में साइबर धोखाधड़ी के विभिन्न स्वरूपों पर विशेष रूप से चर्चा की गई, जिससे नागरिकों को संभावित जोखिमों के प्रति सतर्क रहने का संदेश मिला।
प्रभाव
कार्यक्रम में उपस्थित सभी नागरिकों ने साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और अन्य लोगों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया। इससे साइबर सुरक्षा संबंधी जागरूकता बढ़ने और समुदाय स्तर पर सतर्कता को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की जानकारी दिए जाने से साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ेगी।
निष्कर्ष
थाना सिरोल द्वारा सेफ क्लिक 2.0 अभियान के अंतर्गत आयोजित यह साइबर जागरूकता कार्यक्रम नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, समय पर शिकायत दर्ज कराने और साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। अधिक जानकारी के लिए राजधानी सामना तथा हमारा यूट्यूब चैनल देख सकते हैं।


