उद्यानिकी से बढ़ेगी किसानों की आय, गुप्ता का बड़ा संदेश
भूमिका
ग्वालियर-चंबल संभाग में रबी वर्ष 2025-26 की समीक्षा और खरीफ 2026 की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री के सी गुप्ता ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ अधिक आय देने वाली फसलों की ओर प्रेरित किया जाना चाहिए।
बैठक में उद्यानिकी को विशेष प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही किसानों को आधुनिक खेती, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के बारे में अधिक जानकारी देने की बात भी कही गई। उद्यानिकी आधारित खेती को किसानों की आर्थिक मजबूती का अहम माध्यम बताया गया।
मुख्य तथ्य
बुधवार को गूगल मीट के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में कृषि सचिव श्री निशांत बरबड़े, संचालक कृषि श्री भार्गव सहित कृषि विभाग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। ग्वालियर संभाग के आयुक्त श्री मनोज खत्री और कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान भी बैठक में उपस्थित रहीं।
ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर अपने-अपने जिले के एनआईसी कक्ष से बैठक में शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य रबी वर्ष 2025-26 की समीक्षा करना और खरीफ 2026 की तैयारियों को अंतिम रूप देना था।
उद्यानिकी को बढ़ावा देने पर विशेष जोर
कृषि उत्पादन आयुक्त श्री के सी गुप्ता ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि किसानों को ऐसी फसलों की ओर प्रेरित किया जाए, जिनका बाजार में अधिक मूल्य प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती के साथ-साथ उद्यानिकी, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
बैठक में उद्यानिकी फसलों के लिए क्लस्टर वाइज कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों को बताया गया कि क्लस्टर आधारित योजना तैयार करने पर केन्द्र सरकार से भी यथासंभव सहायता प्राप्त होती है।
महत्वपूर्ण बिंदु
बैठक के दौरान किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी देने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। कृषि वैज्ञानिकों से कहा गया कि वे किसानों को आधुनिक तकनीकों और कृषि नवाचारों की जानकारी अधिक से अधिक उपलब्ध कराएं।
श्री गुप्ता ने कहा कि वर्तमान समय सोशल मीडिया का है। इसलिए केन्द्र और प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे नवाचारों और योजनाओं की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से किसानों तक पहुंचाई जानी चाहिए।
इसके साथ ही प्रत्येक जिले में ग्राम सभाओं का आयोजन कर किसानों को खेती-किसानी, तकनीकी जानकारी और मौसम संबंधी सूचनाओं से अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए।
विस्तृत जानकारी
समीक्षा बैठक में ग्वालियर-चंबल संभाग में धान की फसल को लेकर भी चर्चा हुई। कृषि उत्पादन आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि किसानों को धान की फसल लेने से हतोत्साहित किया जाए और अन्य वैकल्पिक फसलों के लिए प्रेरित किया जाए।
जल संरक्षण को महत्वपूर्ण बताते हुए किसानों को खेत तालाब निर्माण के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि प्रदेश में विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत भी खेत तालाब निर्माण को अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक में विद्युत उपलब्धता की नियमित समीक्षा करने और किसानों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि किसान भाईयों को तकनीक के माध्यम से वर्षा संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
विश्लेषण
बैठक में स्पष्ट संकेत दिया गया कि कृषि क्षेत्र में केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहने के बजाय विविधीकरण की दिशा में कार्य किया जाएगा। उद्यानिकी, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को कृषि के पूरक क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है।
इसके अलावा आधुनिक तकनीक, सोशल मीडिया और ग्राम सभाओं के माध्यम से किसानों तक जानकारी पहुंचाने की रणनीति भी सामने आई। इससे किसानों को योजनाओं और नवाचारों की जानकारी समय पर मिल सकेगी।
प्रभाव
बैठक में शत-प्रतिशत किसानों की फार्मर आईडी बनाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि एसडीएम के साथ-साथ तहसीलदारों को भी यूजर आईडी उपलब्ध करा दी गई है।
कलेक्टरों से कहा गया कि वे शेष किसानों की फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया की नियमित समीक्षा करें। इससे किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।
इसके साथ ही अधिकारियों ने खाद उपलब्धता को लेकर भी स्पष्ट किया कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है और किसानों को मनचाहा खाद, मनचाहे समय पर तथा मनचाही दुकान से उपलब्ध है।
भविष्य की दिशा
समीक्षा बैठक में सहकारिता, पशुपालन, उद्यानिकी और मत्स्य विभाग की योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री ने ग्वालियर संभाग में कृषि क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और आगामी कृषि कार्यों की जानकारी साझा की। वहीं कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने ग्वालियर जिले में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी।
निष्कर्ष
ग्वालियर-चंबल संभाग की समीक्षा बैठक में किसानों की आय बढ़ाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने, आधुनिक खेती अपनाने और उद्यानिकी को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को किसानों तक योजनाओं और तकनीकी जानकारी पहुंचाने के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रदेश में कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से कार्य करने की रणनीति तैयार की जा रही है।
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