उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम को जनअभियान के रूप में संचालित करें – कलेक्टर
भूमिका
ग्वालियर – उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम को जिले में जनअभियान के रूप में संचालित करें। जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में ऐसे सभी 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के नागरिकों को चिन्हित किया जाए, जो किसी कारणवश औपचारिक स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके हैं।
उन सभी को सरकार की मंशा के अनुरूप नव साक्षरता कार्यक्रम के तहत शिक्षा मित्रों के माध्यम से साक्षर किया जाए। इस आशय के निर्देश कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक में संबंधित अधिकारियों को दिए।
ई-टोकन से खाद वितरण, निर्माण श्रमिकों का पंजीयन व श्रम विभाग की योजनायें, लोक सेवा गारंटी कानून में शामिल सेवाएं, पेयजल स्त्रोतों का क्लोरीनेशन, नल-जल योजनाओं की विद्युत आपूर्ति सुचारू करना, सीएम हैल्पलाइन एवं केपीआई (के परफोर्मेंस इंडीकेटर) में शामिल प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा भी बैठक में की गई।
मुख्य तथ्य
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित अंतरविभागीय समन्वय बैठक में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम को जनअभियान के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के ऐसे नागरिकों की पहचान की जाए, जो औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके हैं।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि चिन्हित नागरिकों को निकटवर्ती विद्यालयों में पंजीकृत कराया जाए और शिक्षा मित्रों के माध्यम से उन्हें साक्षर बनाया जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि NILP-MP मोबाइल एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति शिक्षा मित्र बन सकता है।
महत्वपूर्ण बिंदु
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नगर निगम सहित संबंधित विभागों को समग्र आईडी के साथ सूची प्रतिदिन अद्यतन करने के निर्देश दिए गए।
विद्यार्थियों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, जनअभियान परिषद, स्वयंसेवी शिक्षकों और सेवाभावी नागरिकों को साक्षरता मित्र (अक्षर साथी) बनाकर प्रत्येक को पांच-पांच लोगों को साक्षर करने की जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री कुमार सत्यम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सोजान सिंह रावत, एडीएम श्री सी.बी. प्रसाद तथा अपर कलेक्टर श्री अनिल बनवारिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
विस्तृत जानकारी
बैठक में खरीफ सीजन के लिए खाद वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी पात्र किसानों को ई-टोकन जनरेट कराने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को ई-टोकन के आधार पर निकटवर्ती सहकारी समिति से समय पर खाद उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक 54 हजार 370 ई-टोकन जनरेट किए जा चुके हैं। इनके आधार पर 34 हजार 993 किसानों ने 17 हजार 903 मीट्रिक टन उर्वरक प्राप्त किया है। वर्तमान में जिले में 20 हजार 921 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।
कलेक्टर ने डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके एवं एसएसपी उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी बल दिया। साथ ही निर्धारित सीमा से अधिक खाद लेने वाले किसानों के सत्यापन और जियो-टैग फोटो उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित सेवाओं के समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि समय-सीमा का उल्लंघन होने पर नियमानुसार अर्थदंड की कार्रवाई की जाए।
लाड़ली लक्ष्मी योजना, लर्निंग लाइसेंस तथा श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं से संबंधित आवेदनों को लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से प्राथमिकता से प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए। निर्माण कार्यों एवं रैरा में पंजीकृत कॉमर्शियल निर्माण क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के पंजीयन अभियान को तेज करने पर बल दिया गया।
विश्लेषण
अंतरविभागीय समन्वय बैठक में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के साथ-साथ शिक्षा, कृषि, श्रम, पेयजल और जनसेवा से जुड़ी प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
साक्षरता कार्यक्रम को जनअभियान के रूप में संचालित करने, शिक्षा मित्रों की भागीदारी बढ़ाने तथा डिजिटल माध्यमों के उपयोग से अधिक लोगों तक पहुंच बनाने का प्रयास बैठक का प्रमुख केंद्र रहा।
प्रभाव
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत अशिक्षित नागरिकों की पहचान और पंजीयन की प्रक्रिया तेज होने से जिले में साक्षरता अभियान को गति मिलने की संभावना है।
ई-टोकन आधारित खाद वितरण व्यवस्था से किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने की दिशा में पारदर्शिता और सुव्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन और नल-जल योजनाओं की विद्युत आपूर्ति सुचारू रखने के निर्देशों से बरसात के मौसम में पेयजल व्यवस्था प्रभावित न हो, इस दिशा में भी पहल की गई है।
भविष्य की दिशा
बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार संबंधित विभागों को साक्षरता कार्यक्रम, श्रमिक पंजीयन, खाद वितरण, पेयजल प्रबंधन तथा सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों के निराकरण को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएम हेल्पलाइन एवं केपीआई में शामिल प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की लगातार समीक्षा जारी रखने पर भी जोर दिया गया।
निष्कर्ष
ग्वालियर में आयोजित अंतरविभागीय समन्वय बैठक में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम को जनअभियान के रूप में संचालित करने के साथ-साथ कृषि, श्रम, पेयजल और जनसेवा से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
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