विश्व योग दिवस तैयारी तेज, 600 से अधिक शिक्षक बने मास्टर ट्रेनर
भूमिका
विश्व योग दिवस के आयोजन को लेकर ग्वालियर जिले में तैयारियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। 21 जून को होने वाले सामूहिक योग कार्यक्रम के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर तैयार करना है, ताकि योग गतिविधियों का संचालन प्रभावी ढंग से किया जा सके।
योग प्रशिक्षण की इस प्रक्रिया में अब तक दो चरण पूरे हो चुके हैं। पहले चरण में 143 शिक्षकों को और दूसरे चरण में 600 से अधिक शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जा चुका है। जिले में विभिन्न स्थानों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
मुख्य तथ्य
ग्वालियर जिले में विश्व योग दिवस के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों को योग के मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
प्रथम चरण के दौरान 143 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया था। इसके बाद आयोजित किए गए द्वितीय चरण में 600 से अधिक शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया गया।
भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (आईआईटीटीएम) में गुरुवार को द्वितीय चरण का प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इसी क्रम में डबरा और भितरवार में भी प्रशिक्षण गतिविधियां आयोजित की गईं।
महत्वपूर्ण बिंदु

द्वितीय चरण के प्रशिक्षण के सफल समापन के बाद अब तीसरे चरण की तैयारी पूरी कर ली गई है। यह प्रशिक्षण 12 जून से शुरू किया जाएगा।
ग्वालियर में यह कार्यक्रम आईआईटीटीएम में आयोजित होगा। इसके साथ ही डबरा विकासखंड के लिए ओम मैरिज गार्डन डबरा तथा भितरवार क्षेत्र के लिए उत्कृष्ट उमावि भितरवार में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इस चरण के माध्यम से और अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित कर सामूहिक योग कार्यक्रम की तैयारियों को मजबूत बनाया जाएगा।
विस्तृत जानकारी
विश्व योग दिवस को लेकर जिले में चल रही गतिविधियां लगातार गति पकड़ रही हैं। प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जा रहा है।
द्वितीय चरण के दौरान आईआईटीटीएम में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को विभिन्न योग गतिविधियों का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल योगाभ्यास कराना नहीं बल्कि ऐसे प्रशिक्षकों को तैयार करना भी है जो आगे अन्य लोगों को प्रशिक्षण दे सकें।
प्रशिक्षण के दौरान कॉमन योगा प्रोटोकॉल पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके अंतर्गत योगाभ्यास की निर्धारित प्रक्रियाओं को समझाया गया और उनका अभ्यास कराया गया।
योग के विभिन्न आयामों को शामिल करते हुए शिक्षकों को प्राणायाम और ध्यान की विधियों से भी परिचित कराया गया। इसके साथ-साथ अनेक योग आसनों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया गया, ताकि वे आगामी कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
विश्लेषण
प्रशिक्षण कार्यक्रमों को चरणों में आयोजित करने से बड़ी संख्या में शिक्षकों तक पहुंच बनाना संभव हुआ है। पहले चरण और दूसरे चरण में प्रशिक्षित हुए शिक्षकों की संख्या यह दर्शाती है कि तैयारियां योजनाबद्ध तरीके से की जा रही हैं।
योग के लिए प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर तैयार होने से आगे के प्रशिक्षण कार्यक्रमों और सामूहिक गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
कॉमन योगा प्रोटोकॉल, प्राणायाम, ध्यान और योग आसनों पर आधारित प्रशिक्षण से प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हुआ है।
यही कारण है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल औपचारिक प्रक्रिया न रहकर एक व्यवस्थित तैयारी का हिस्सा बन गया है।
प्रभाव

योग प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके शिक्षक आगामी गतिविधियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाएंगे। मास्टर ट्रेनर के रूप में उनकी भूमिका अन्य प्रतिभागियों तक प्रशिक्षण पहुंचाने में सहायक होगी।
ग्वालियर, डबरा और भितरवार जैसे विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों से प्रशिक्षण का दायरा भी विस्तृत हुआ है।
इससे विश्व योग दिवस के लिए तैयारियों को मजबूती मिली है और जिलेभर में योगाभ्यास को संगठित रूप से आगे बढ़ाने का आधार तैयार हुआ है।
भविष्य की दिशा
12 जून से शुरू होने वाला तृतीय चरण प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयारियों का अगला महत्वपूर्ण कदम होगा। इसके माध्यम से और अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर के रूप में विकसित किया जाएगा।
आईआईटीटीएम, ओम मैरिज गार्डन डबरा और उत्कृष्ट उमावि भितरवार में आयोजित होने वाले कार्यक्रम प्रशिक्षण प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।
इन गतिविधियों के जरिए 21 जून को आयोजित होने वाले सामूहिक योग कार्यक्रम के लिए आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
निष्कर्ष

विश्व योग दिवस के मद्देनजर ग्वालियर जिले में योग प्रशिक्षण का अभियान लगातार जारी है। प्रथम चरण में 143 और द्वितीय चरण में 600 से अधिक शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जा चुका है।
अब 12 जून से तृतीय चरण शुरू होने जा रहा है, जिससे तैयारियों को और मजबूती मिलेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कॉमन योगा प्रोटोकॉल, प्राणायाम, ध्यान और विभिन्न योग आसनों का अभ्यास कराकर शिक्षकों को जिम्मेदारी के लिए तैयार किया जा रहा है।
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